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अदाणी एग्री फ्रेश हिमाचल प्रदेश में शुरू करेगा चेरी की खरीद
अदाणी एग्री फ्रेश ने 20 सालों में 17,000 से अधिक किसानों से खरीदे हैं 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सेब
हिमाचल प्रदेश, 9 मई 2026: अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की है। इस श्रेणी में चेरी जैसे फल शामिल हैं। कंपनी अब हिमाचल प्रदेश में इन फलों की खरीद शुरू करने की योजना बना रही है। इससे फलों की स्टोरेज अवधि बेहतर होगी, किसानों को बड़े बाजार मिलेंगे और उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में एएएफएल के छह जगहों पर मौजूद कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाओं को अब चेरी के भंडारण और वितरण के लिए आधुनिक बनाया गया है।
7 मई 2026 को इंडियन काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर), उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और बागवानी विभाग द्वारा आयोजित फ्रूट होराइजन 2026: ग्लोबलाइजिंग इंडिआज फ्रूट वैल्यू चेन कार्यक्रम में बोलते हुए मनीष अग्रवाल ने कहा, “हम आने वाले सीजन से चेरी की खरीद शुरू करेंगे और धीरे-धीरे अन्य स्टोन फ्रूट्स (आड़ू और प्लम आदि) में भी विस्तार करेंगे। यह हमारे सेब खरीद के अनुभव और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की हमारी निरंतर कोशिश का हिस्सा है।”
एएएफएल हिमाचल प्रदेश में सेब की खरीद, भंडारण और मार्केटिंग करने वाली शुरुआती संगठित कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने 2006 में फार्म-पिक ब्रांड के तहत काम शुरू किया था। तब से अब तक कंपनी 17,000 से अधिक किसानों से 3 लाख मीट्रिक टन (एमटी) से ज्यादा सेब खरीद चुकी है और किसानों को सीधे लगभग ₹1,500 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। कंपनी ने हिमाचल प्रदेश में कुल 25,000 एमटी की स्टोरेज क्षमता विकसित की है, जिससे फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और किसानों को बड़े बाजार तक पहुंच दिलाने में मदद मिली है।
एएएफएल एक स्टैंडर्डाइज्ड ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सिस्टम अपनाती है, जिससे फलों की गुणवत्ता के आधार पर पारदर्शी तरीके से कीमत तय होती है। इससे किसानों की पारंपरिक मंडियों पर निर्भरता कम होती है और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पाता है।
कंपनी अपनी डिजिटल मंडी पहल का भी विस्तार कर रही है। इसके जरिए किसान बिना खरीद केंद्रों पर जाए, दूर से ही अपनी उपज बेच सकते हैं। अब इस प्लेटफॉर्म को अन्य क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
वर्तमान में एएएफएल हिमाचल प्रदेश के कुल सेब उत्पादन का लगभग 4 प्रतिशत खरीद रही है। कंपनी अधिक किसानों तक पहुंचने के लिए अपनी क्षमता लगातार बढ़ा रही है।
एएएफएल, अदाणी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा अदाणी फाउंडेशन के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास के लिए व्यापक स्तर पर काम करती है।


